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Shyam Sunder Dube

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Shyam Sunder Dube

जन्म : मध्य प्रदेश (दमोह) के वर्तलाई ग्राम में सन् 1944 में।
शिक्षा : सागर विश्‍वविद्यालय से एम.ए. (हिंदी), पी-एच.डी.। तत्पश्‍चात‍्उच्च शिक्षा में रहते हुए वर्तमान में प्राचार्य पद पर आसीन।
प्रकाशन : ‘बिहारी सतसई का सांस्कृतिक अध्ययन’, ‘बिहारी सतसई : काव्य और चित्रकला का अंतर्संबंध’ (समीक्षा); ‘कालमृगया’, ‘विषाद बाँसुरी की टेर’ (ललित-निबंध); ‘दाखिल खारिज’, ‘मरे न माहुर खाए’ (उपन्यास); ‘जड़ों की ओर’ (कहानी संकलन); ‘बुंदेलखंड की लोक कथाएँ’ (लोक साहित्य); ‘ऋतुएँ, जो आदमी के भीतर हैं’, ‘इतने करीब से देखो’, ‘रीते खेत में बिजूका’ (नवगीत); ‘हमारा राजा हँसता क्यों नहीं’ (व्यंग्य निबंध); ‘लोक : परंपरा, पहचान एवं प्रवाह’ (लोक-चिंतन)।
सम्मान/पुरस्कार : म.प्र. हिंदी साहित्य सम्मेलन का प्रतिष्‍ठित ‘वागीश्‍वरी पुरस्कार’, बुंदेलखंड साहित्य अकादमी का ‘स्वामी प्रणवानंद सरस्वती हिंदी पुरस्कार’, म.प्र. साहित्य परिषद् (साहित्य अकादमी) का ‘बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’ पुरस्कार’ एवं इसी कृति पर शंभुनाथ सिंह रिसर्च फाउंडेशन, वाराणसी का ‘अखिल भारतीय डॉ. शंभुनाथ सिंह नवगीत पुरस्कार’ तथा म.प्र. लेखक संघ का ‘पुष्कर जोशी सम्मान’।
संप्रति : प्राचार्य, श्री राघवेंद्र सिंह हजारी शासकीय महाविद्यालय, हटा (दमोह), म.प्र.।