Khel Patrakarita
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ISBN: 9788173156847
INR 250/-
स्वतंत्रता के पहले से हिंदी पत्र-पत्रिकाओं में खेल गतिविधियों को स्थान मिलने लगा था, किंतु इस विषय को महत्त्व मिला आजादी के बाद के दशकों में, जब समाचार-पत्रों में खेलों का पन्ना अनिवार्य हो गया। एक तरफ खेलकूद कैरियर के रूप में अपनाए जाने लगे, वहीं खेल पत्रकारिता एक विशेष विधा के रूप में स्थापित हो गई।